MAY INTERNATIONAL HINDI ASSOCIATION'S NEWSLETTER
मई 2025, अंक 46 । प्रबंध सम्पादक: श्री आलोक मिश्र। सम्पादक: डॉ. शैल जैन
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Human Excellence Depends on Culture. The Soul of Culture is Language
भाषा द्वारा संस्कृति का प्रतिपादन
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति परिवार के सभी सदस्यों एवं संवाद के पाठकों का अभिनंदन।
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, शंकराचार्य जयंती, बुद्ध पूर्णिमा और महाराणा प्रताप जयंती की शुभकामनाएँ ।
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति (अ.हि.स.) का 22 वाँ द्विवार्षिक अधिवेशन 2–3 मई, 2025 ओहायो के रिचफील्ड शहर में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। उत्तर-पूर्व ओहायो चैप्टर द्वारा आयोजित किया गया यह अधिवेशन भाषा, विरासत और सांस्कृतिक एकता का एक सजीव उत्सव रहा सम्मेलन का मूल विषय था “ नई पीढ़ी, हिंदी और भारतीय संस्कृति, डिजिटल युग में”।
इस आयोजन को कई स्थानीय मेयरों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिन्होंने विशेष घोषणाओं के माध्यम से आयोजन को सम्मानित किया: रिचफील्ड और एक्रन के मेयरों द्वारा “अंतर्राष्ट्रीय हिंदी जागरूकता माह” की घोषणा तथा मैडाइना, ब्रॉडव्यू हाइट्स और इंडिपेंडेंस शहरों के मेयरों द्वारा “अंतर्राष्ट्रीय हिंदी जागरूकता सप्ताह” की घोषणा की गई। सम्मेलन में अ.हि.स के ट्रस्टी अध्यक्ष श्री तरुण सुरती; अन्य ट्रस्टी श्री आलोक मिश्र और श्री इंद्रजीत शर्मा, राष्ट्रीय पूर्व अध्यक्ष मेजर शेर बहादुर, राष्ट्रीय पूर्व अध्यक्ष अजय चड्डा , वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शैल जैन , विभिन्न शाखाओं और आउटरीच राज्यों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें बोस्टन, मैसाचुसेट्स, नैशविल,टेनेसी, वॉशिंगटन डी.सी, इंडियाना, न्यूयॉर्क, ह्यूस्टन और उत्तर-पूर्व ओहायो के प्रतिनिधि शामिल थे। स्थानीय शाखा के अधिकारी, स्वागत समिति, स्थानीय सदस्य एवं उत्तर-पूर्व ओहायो के हिंदी और भारतीय संस्कृति प्रेमियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर रोटरी डिस्ट्रिक्ट 6630 के एक एक्सचेंज छात्र ‘काई टोटे’ भी उपस्थित थे, जो जुलाई 2025 में एक वर्ष के लिए भारत जाएंगे। वहाँ के स्कूल में शिक्षा लेगें और भारतीय संस्कृति और हिंदी से अवगत होंगें ।
तीन सत्रों में यह अधिवेशन बहुत ही सफ़ल रहा । पहला सत्र मई २ संध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रम, जिसमें भारत के कई राज्यों की झलकियों को बहुत ही शानदार तरीके से प्रस्तुत किया गया और सभी दर्शकों को मुग्ध कर दिया ।प्रतिभागी युवकों को उत्तर पूर्व शाखा द्वारा दिये गये हिंदी पुस्तक पुरस्कार एक बहुत ही उम्दा योजना थी जिससे बच्चे और अभिवावक दोनों प्रोत्साहित हुए । दुसरा सत्र मई ३ दिन में शैक्षिक संगोष्ठी, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए हिंदी सीखने और अनुवाद में सहायक डिजिटल संसाधनों जैसे AI, गूगल प्लेटफॉर्म्स आदि की जानकारी साझा की गई। तीसरा सत्र 3 मई की संध्या में, विशेष कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर विशेष सेवा पट्टिका प्रदान की गई। सभी का योगदान संस्था के प्रति उनकी निष्ठा और प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा। विराट कवि सम्मेलन: कवि इंद्र अवस्थी, अर्चना पांडा और अभिनव शुक्ला ने हास्य और सामाजिक सरोकारों से युक्त कविताएँ प्रस्तुत कीं।
मैं सभी बाहर से आये प्रतिनिधियों और न्यासी सदस्यों का आभार व्यक्त करती हूँ जिन्होंने आकर स्वागत समिति के सदस्यों को प्रोत्साहित किया । कवियों, शैक्षिक सत्रों में प्रस्तुतकर्ता, युवा स्वयंसेवकों, सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागी सबों को धन्यवाद देती हूँ कि उन्होंने भाग लिया और हमारे कार्यक्रम को सफल बनाया ।
उत्तर पूर्व शाखा के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्वागत समिति का बहुत बहुत धन्यवाद जिन्होंने पिछले कई महीनों से अथक परिश्रम कर अधिवेशन के सभी प्रतिभागियों के लिए सफल और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया ।अधिवेशन की कुछ झलकियाँ संवाद के स अंक में संलग्न है । विस्तृत समाचार अगले अंक में प्रकाशित होगा ।
आपके विचारों और यदि आप अधिवेशन में शामिल थे, तो आपकी प्रतिक्रियाओं का हमें इंतज़ार रहेगा ।
धन्यवाद,
शैल जैन
डॉ. शैल जैन
राष्ट्रीय अध्यक्षा, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति (2024-25)
ईमेल: president@hindi.org | shailj53@hotmail.com
सम्पर्क: +1 330-421-7528
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति -- २२ वाँ द्विवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन २०२५ सफलता पूर्वक संपन्न
देखिये झलकियां इस अंक में, विस्तृत समाचार अगले अंक में
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रिचफील्ड मेयर का प्रोक्लामेशन
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एक्रोन मेयर का प्रोक्लामेशन
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मेदाईना मेयर का प्रोक्लामेशन
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इंडिपेंडेंस मेयर का प्रोक्लामेशन
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ब्रॉडव्यू हाइट्स मेयर का प्रोक्लामेशन
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति -- टेनेसी शाखा की रिपोर्ट
वार्षिक पिकनिक, अप्रैल 20, 2025
चार्ली डेनियल पार्क, माउंट जूलियट, टेनेसी, यू.एस.ए.
द्वारा: कोमल जोशी, टेनेसी शाखा
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एकता में बल है, और मिल-जुल कर चलना ही सच्ची प्रगति का रास्ता है” — यह पिकनिक इस कथन का जीवंत उदाहरण रही।
शनिवार, २० अप्रैल २०२५, चार्ली डेनियल पार्क, माउंट जूलियट में इंटरनेशनल हिंदी एसोसिएशन (IHA) टेनेसी चैप्टर द्वारा आयोजित वार्षिक पिकनिक ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि “एकता में ही शक्ति है” । यह आयोजन एकता, सहयोग और उल्लास का जीवंत उदाहरण रहा।
सुबह से ही पार्क में एक अलग ही उत्साह और ऊर्जा का संचार महसूस हो रहा था। मौसम सुहावना था और माहौल रंग-बिरंगा। समिति के सभी सदस्य, वरिष्ठजन, स्वयंसेवक, बच्चे और आमंत्रित अतिथि पूरे जोश और उमंग से शामिल हुए। हर एक की भागीदारी अत्यंत सराहनीय रही — यह आयोजन सचमुच “हम सब एक हैं” की भावना का उत्सव बन गया। इस आयोजन में स्वयंसेवकों, सदस्यों, वरिष्ठजनों, बच्चों और आमंत्रित अतिथियों की सक्रिय और सराहनीय भागीदारी देखने को मिली। सभी ने मिलकर इस दिन को यादगार बना दिया।
भोजन व्यवस्था में हमने पॉटलक यानी सामूहिक भोज रखा था । जिसमें हर कोई अपने घर से बना एक खास व्यंजन लाया। अलग-अलग स्वाद, एक साथ एक जगह… बिलकुल हमारी भारतीय संस्कृति की तरह, जहाँ विविधता ही पहचान है। विभिन्न प्रकार के व्यंजन, जैसा की मानो भारत के खाने का स्वाद माउंट जूलियट की धरती पर उतर आया हो। हर व्यंजन ने लोगों को घर की याद दिला दी।
खेलों की व्यवस्था विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। टीमसदस्य श्रुति अग्रवाल, निधि अग्रवाल , प्रेरणा शर्मा सहित सज्जन सिंह और संजीव अग्रवाल और उनके साथ कई युवा सदस्यों व सहयोगियों ने बच्चों और बड़ों दोनों के लिए बेहद रोचक और मजेदार खेलों की योजना बनाई थी। बच्चों के लिए आयोजित एग हंट और ट्रेजर हंट ने पिकनिक को रोमांच और आनंद का नया आयाम दिया — बच्चों की हंसी और उछल-कूद ने पूरे पार्क को जीवंत कर दिया।
और फिर आई संगीत की बारी — जहां माहौल पूरी तरह संगीतमय हो गया। हमारे बहुमुखी, ऊर्जावान गायकों ने जब एक के बाद एक बॉलीवुड धुनें छेड़ीं, तो हर पीढ़ी के लोग झूम उठे। हमारी ही टीम के सदस्य उमेश कुमार , प्रीति गज्जर, रमन वर्मा , एडम क्रिस्टोफर , पूर्व अध्यक्ष पूजा श्रीवास्तव जैसे
बहुमुखी प्रतिभा से भरपूर गायकों ने इतनी ऊर्जा और उत्साह से प्रस्तुति दी कि सिर्फ IHA ही नहीं, बल्कि पार्क में मौजूद हर व्यक्ति बॉलीवुड धुनों पर थिरकने पर मजबूर हो गया। हमारी
लॉजिस्टिक्स टीम जिसमे सचिन गर्ग, प्रेणा शर्मा, कर्तिका शिखा करनवाल और कोमल जोशी थे, उन्हें ढेरों सलाम और बधाइयाँ । प्रेरणा शर्मा और श्वेता सैनी ने मिलकर इतनी खूबसूरत तस्वीरें लीं कि आयोजन की हर स्मृति सदैव जीवंत रहेगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा रखने से इसके अंतिम चरण तक अपने निस्वार्थ समर्थन और सहयोग के लिए हमारे अन्य सदस्यों मीनाक्षी गुप्ता, दीपशिखा तिवारी, रानेश तिवारी, सचिन गुप्ता और तरुण सैनी जी का रहे दिल से आभार मानते है ।
हम हमारे पूर्व अध्यक्ष पूजा श्रीवास्तव, अध्यक्ष सीमा वर्मा, उपाध्यक्ष प्रेणा शर्मा एवं सचिव सचिन गर्ग और सभी वरिष्ठ सदस्यों को उनके समर्पित नेतृत्व, निरंतर मार्गदर्शन और निस्वार्थ सेवा-भाव के लिए विशेष धन्यवाद, जिन्होंने आयोजन की योजना बनाते ही शुरु से लेकर समापन तक हर कदम साथ निभाया।
सभी की ऊर्जा, उत्साह और एकता की भावना को हार्दिक बधाई और सलाम! इस प्रकार के आयोजन न केवल संस्कृति और भाषा से जुड़ाव को प्रगाढ़ करते हैं, बल्कि समुदाय में सौहार्द और अपनापन भी बढ़ाते हैं।
IHA की टीम, स्वयंसेवकों, प्रतिभागियों और सभी सहयोगियों को कोटि-कोटि बधाई और धन्यवाद।
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति -- डलास शाखा की रिपोर्ट
विश्व हिंदी दिवस, 19 अप्रैल, 2025
द्वारा: वीणा शर्मा, डलास शाखा अध्यक्षा
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१९ अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति के डैलस चैप्टर ने ‘हिंदी विश्व दिवस’ बहुत ही धूमधाम से मनाया । दोपहर १२:३० से १:३० तक भोजन व १:३० से ३:१५ तक कार्यक्रम चला । इस कार्यक्रम का संचालन, अध्यक्षा वीणा शर्मा ने विधिवत किया।
मुख्य अतिथि थे. डाक्टर यारलगड्डा लक्ष्मी प्रसाद जी जो कि हिंदी विश्व परिषद के वर्तमान अध्यक्ष हैं और पद्म श्री, पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित हैं। ये हिंदी व तेलगु में पी एच डी हैं । उनको दुशाला व स्मृति चिह्न दे कर हिंदी समिति द्वारा सम्मानित किया गया ।उन्होंने हिंदी के बारे में अपने अनुभव व विचार व्यक्त किए, हाल तलियों से गूँज उठा!!
साथ ही तीन कवियों नीरज गुप्ता, प्रतिमा शर्मा एवं डा. सालेहा द्वारा कविता पाठ हुआ । पद्म श्री अशोक मागो जी ने अपने विचार व्यक्त किए । अंत में डा. यारलगड्डा लक्ष्मी प्रसाद जी ने, समिति के कार्यकर्ताओं को अपनी पुस्तकें दे कर आभार प्रकट किया।
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति- विश्व हिंदी दिवस 2025
भाषण प्रतियोगिता के प्रतिभागियों से अनुरोध
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अन्य प्रतिभागियों के विचार (अगला भाग )
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अन्य प्रतिभागियों से विशेष अनुरोध ---
अन्य प्रतिभागियों से अनुरोध है कि वे अपना Word डॉक्यूमेंट इ -मेल पर भेजें ,ताकि उनके विचारों को पाठकों से साझा किया जाये।
Request to parents of participants to send the Word version of their child’s document to this email address---
ihaorg1980@gmail.com
If you already send, please disregard this request
(दूसरा भाग, संवाद इ- नूजलेटर के अगले अंक में )
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कवितायेँ / गजल
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति -- २२ वाँ द्विवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन २०२५
आस्था नवल ने सम्मेलन में भाग लिया -वापसी में अपने विचारों की अभिव्यक्ति
कविता के माध्यम से
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आस्था नवल का जन्म दिल्ली के साहित्यिक परिवार में हुआ। पिताः डॉ॰ हरीश नवल और माता डॉ॰ स्नेह सुधा से बचपन से ही लेखन कला को विरासत में पाया। हिन्दी में स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधि ग्रहण की । उन्नीस वर्ष की आयु में उनकी प्रथम पुस्तक ‘आस्था की डायरी’और दूसरी पुस्तक ‘लड़की आज भी’ (प्रथम काव्य संकलन) २००६ में । साहित्य अमृत, विश्वा, गर्भनाल, हिन्दी जगत, गगनाँचल जैसी प्रख्यात पत्र पत्रिकाओं में कविता और लेख द्वारा उनका निरंतर योगदान रहता है। २०२१में हिन्दी दिवस के अवसर पर विश्व हिन्दी साहित्य परिषद द्वारा आस्था नवल को हिन्दी प्रज्ञा सम्मान से सम्मानित किया गया।
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क्लीवलैंड से वापसी पर
क्लीवलैंड से वापसी पर
एक ऐसाी आत्मीयता जो अब सहज नहीं मिलती
एक ऐसा आराम जो आत्मा को तृप्त करता हो
एक ऐसी बहन और मौसी
जो किताबों में क़ैद हो चुकीं हैं कबसे
वे सब एक साथ मिल गए मुझे
लगा किसी सुखद कहानी की पात्र बन गई हूँ
जहाँ क़िस्सों की गरमी
अपनों की नरमी है
अंतहीन संवाद और बच्चों सी मस्ती है
एक नटखट सा भाई है
एक गम्भीर से मंद मंद मुस्काते भईया हैं
प्यार से निहारते तस्वीरों से झाँकते बड़े बुजुर्ग भी
आस पास हैं
ऐसा दुलार जिसकी अब कल्पना भी नहीं करते
इतने सहज
इतने आत्मीय
ऐसे बेनाम पर भावों से भरे रिश्ते
आज मैं बना आई हूँ
डेढ़ दिन में
जीवन भर के लिए मीठी याद
मैं बटोर लाई हूँ
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द्वारा - राजेन्द्र भाटिया
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राजेंद्र भाटिया उम्र 74 साल, इंजीनियर, भारत जयपुर ( राजस्थान) के निवासी हैं । हिंदी कविता लिखने का शौख है । भारत के एक प्रतिष्ठित पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) में लंबे समय तक सेवा की और एक वरिष्ठ पद पर से सेवा निवृत हुए।
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जिंदगी और फिल्म
फिल्म की स्टोरी पहले लिखी जाती है और फिर फिल्म बनती है
जिंदगी चलती है और स्टोरी लिखती जाती है।
फिल्म के किरदार वो ही करते हैं जो डायरेक्टर करवाता है।
जिंदगी में हम वो करते हैं जो हम चाहते हैं।
फिल्म के हर एक्शन का अंजाम पहले से लेखक लिख देता है।
जिंदगी के हर एक्शन का अंजाम ईश्वर तय करता है कि कब और कैसे मिलेगा।
फिल्म का एक थीम होता है और यह निर्धारित होता है कहानी में।
जिंदगी का थीम हम खुद तय करते हैं।
फिल्म एक पर्दे पर दिखती है और किरदार बदलते रहते हैं।
जिंदगी भी एक पृथ्वी पर दिखती है और किरदार बदलते रहते हैं।
फिल्म के किरदारों का मूल्यांकन फिल्म देखने के बाद होता है।
जिंदगी के किरदारों का मूल्यांकन भी जिंदगी खत्म होने के बाद , जीवित व्यक्ति करते हैं। अच्छे की प्रशंसा और बुरे की निंदा होती है।
फिल्म के सीन, एक्शन, स्टोरी, किरदारों में, जरूरत के मुताबिक बदलाव या दोहराना संभव होता है।
जिंदगी में यह सब संभव नहीं। इसलिए जो भी करें, पहली ही बार में श्रेष्ठ ही करें।
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पाठकों की अपनी हिंदी में लिखी कहानियाँ, लेख, कवितायें इत्यादि का
ई -संवाद पत्रिका में प्रकाशन के लिये स्वागत है।
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"प्रविष्टियाँ भेजने वाले रचनाकारों के लिए दिशा-निर्देश"
1. रचनाओं में एक पक्षीय, कट्टरतावादी, अवैज्ञानिक, सांप्रदायिक, रंग- नस्लभेदी, अतार्किक
अन्धविश्वासी, अफवाही और प्रचारात्मक सामग्री से परहेज करें। सर्वसमावेशी और वैश्विक
मानवीय दृष्टि अपनाएँ।
2. रचना एरियल यूनीकोड MS या मंगल फॉण्टमें भेजें।
3. अपने बायोडाटा को word और pdf document में भेजें। अपने बायो डेटा में डाक का पता, ईमेल, फोन नंबर ज़रूर भेजें। हाँ, ये सूचनायें हमारी जानकारी के लिए ये आवश्यक हैं। ये समाचार पत्रिका में नहीं छापी जायेगी।
4. अपनी पासपोर्ट साइज़ तस्वीर अलग स्पष्ट पृष्ठभूमि में भेजें।
5. हम केवल उन रचनाओं को प्रकाशित करने की प्रक्रिया करते हैं जो केवल अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति को भेजी जाती हैं। रचना के साथ अप्रकाशित और मौलिक होने का प्रमाणपत्र भी संलग्न करें।
E-mail to: shailj53@hotmail.com
or: president@hindi.org
Contact:
330-421-7528
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति
हिंदी लेखन के लिए स्वयंसेवकों की आवश्यकता
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति के विभिन्न प्रकाशनों के लिए हम हिंदी (और अंग्रेजी दोनों) में लेखन सेवाओं के लिए समर्पित स्वयंसेवकों की तलाश कर रहे हैं जो आकर्षक और सूचनात्मक लेख, कार्यक्रम सारांश और प्रचार सामग्री आदि तैयार करने में हमारी मदद कर सकें।
यह आपके लेखन कौशल को प्रदर्शित करने, हमारी समृद्ध संस्कृति को दर्शाने और हिंदी साहित्य के प्रति जुनून रखने वाले समान विचारधारा वाले व्यक्तियों से जुड़ने का एक अच्छा अवसर है। यदि आपको लेखन का शौक है और आप इस उद्देश्य के लिए अपना समय और प्रतिभा योगदान करने में रुचि रखते हैं, तो कृपया हमसे alok.iha@gmail.com पर ईमेल द्वारा संपर्क करें। साथ मिलकर, हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने और संरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
प्रबंध सम्पादक: श्री आलोक मिश्र
alok.iha@gmail.com
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“संवाद” की कार्यकारिणी समिति
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प्रबंद्ध संपादक – श्री आलोक मिश्र, NH, alok.iha@gmail.com
संपादक -- डॉ. शैल जैन, OH, shailj53@hotmail.com
सहसंपादक – अलका खंडेलवाल, OH, alkakhandelwal62@gmail.com
डिज़ाइनर – डॉ. शैल जैन, OH, shailj53@hotmail.com
तकनीकी सलाहकार – मनीष जैन, OH, maniff@gmail.com
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रचनाओं में व्यक्त विचार लेखकों के अपने हैं। उनका अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति की रीति - नीति से कोई संबंध नहीं है।
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