MARCH INTERNATIONAL HINDI ASSOCIATION'S NEWSLETTER
मार्च 2026, अंक ५६ प्रबंध सम्पादक: श्री आलोक मिश्र। सम्पादक: डॉ. शैल जैन
Human Excellence Depends on Culture. The Soul of Culture is Language
भाषा द्वारा संस्कृति का प्रतिपादन
|
|
|
 |
| |
|
|
|
|
|
| |
|
|
| |
 |
|
| |
|
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
 |
| |
|
|
|
|
|
|
मार्च का महीना अनेक देशों में नव वर्ष, नई फसलों की खुशियाँ और अंधकार व बुराई पर विजय का प्रतीक लेकर आता है। भारत में होली और नवरात्रि, पाकिस्तान में ईद तथा ईरान में नवरोज़ जैसे पर्व उत्सव भावना को दर्शाते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका के विभिन्न शहरों में भी अलग-अलग समूहों द्वारा होली बड़े उत्साह से मनाई जा रही है - कहीं पार्कों में रंगों के साथ, तो कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्वादिष्ट भोजन के साथ।
ह्यूस्टन चैप्टर ने “होली के बोल” नाम से एक सुंदर कवि सम्मेलन आयोजित किया, जिसका विवरण आप इस संवाद में पढ़ सकते हैं। अन्य कुछ शाखाएँ भी कार्यक्रमों की योजना बना रही हैं, किंतु उनके विवरण अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। सभी शाखाओं के अध्यक्षों एवं कार्यकर्ताओं को हार्दिक धन्यवाद। कृपया अपने-अपने कार्यक्रमों का विवरण शीघ्र संवाद पत्रिका हेतु भेजें।
संवाद पत्रिका में हम नए लेखकों को भी स्थान देते हैं। सभी पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी रचनाएँ हमारे साथ साझा करें। यदि आपके बच्चे अपनी भावनाएँ अंग्रेज़ी में व्यक्त करते हैं, तो आप उनका हिंदी अनुवाद भेज सकते हैं। यदि अनुवाद में किसी प्रकार की सहायता चाहिए, तो कृपया हमें अवश्य बताएं ,हम सहायता के लिए सदैव तत्पर हैं।
हिंदी और भारतीय संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर और पहचान हैं। आइए, हम सभी मिलकर इसे आगे बढ़ाएँ और नई पीढ़ी में संजोएँ।
आपके सुझावों की प्रतीक्षा रहेगी।
धन्यवाद
शैल जैन
डॉ. शैल जैन
संपादक संवाद पत्रिका
ईमेल shailj53@hotmail.com
सम्पर्क: 330-421-7528
संवाद के सभी अंक, जून २०२१ से अभी तक - ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
All the Samwad editions, June 2021 till current edition -are available online now.
https://hindi.org/samwad
***
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति -- आगामी कार्यक्रम
हास्य कवि सम्मेलन 2026
द्वारा : आलोक मिश्रा, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, न्यासी समिति
|
|
|
|
|
छह सप्ताह का हास्य कवि सम्मेलन शुक्रवार, 10 जुलाई से प्रारंभ होकर रविवार, 16 अगस्त तक चलेगा। यह कार्यक्रम कविता और हास्य का सुंदर संगम होगा, जो श्रोताओं को भरपूर हँसी और आनंद प्रदान करेगा।
यदि आप अपने शहर में हास्य कवि सम्मेलन आयोजित करने में रुचि रखते हैं, तो कृपया जल्द हमसे संपर्क करें । यात्रा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से हम आपकी प्राथमिकताओं का यथासंभव ध्यान रखेंगे। कृपया ध्यान दें कि कवियों की यात्रा को सहज और प्रभावी बनाने के लिए निकटवर्ती तीन शहरों को मिलाकर एक सप्ताहांत समूह बनाया जाएगा।
हमें आशा है कि आप 2026 के हास्य कवि सम्मेलन को भव्य सफलता बनाने में हमारे साथ जुड़ेंगे!
***
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति - वाशिंगटन डी.सी. शाखा एवं भारतीय दूतावास
वाशिंगटन डी.सी. का संयुक्त तत्वावधान
विश्व हिंदी दिवस और गणतंत्र दिवस विशेष समारोह
11 जनवरी स्थानीय विद्यालय एवं 26 जनवरी भारतीय दूतावास में
रिपोर्ट : चौधरी प्रताप सिंह, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, वाशिंगटन डी.सी.
शाखा अध्यक्ष
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, वाशिंगटन डी.सी. शाखा एवं भारतीय दूतावास, वाशिंगटन डी.सी. के संयुक्त तत्वावधान में विश्व हिंदी दिवस 2026 का भव्य आयोजन 11 जनवरी 2026 को एक स्थानीय विद्यालय में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विशेष रूप से युवाओं के लिए हिंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें तीन आयु वर्ग निर्धारित किए गए— 3 से 7 वर्ष, 8 से 11 वर्ष तथा 12 से 15 वर्ष।
इस प्रतियोगिता में कुल 67 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने अभिभावकों के साथ उपस्थित होकर हिंदी के प्रति अपनी निष्ठा और प्रतिभा का परिचय दिया। वाशिंगटन डी.सी., अमेरिका के आस पास लगभग 6–7 स्थानीय विद्यालयों में हिंदी द्वितीय भाषा के रूप में पढ़ाई जाती है, और उन्हीं विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। चयन समिति में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति के सदस्यों के साथ-साथ विद्यालयों के शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को भारतीय दूतावास से पधारे सांस्कृतिक अधिकारी श्री रवीश कुमार एवं शाखा अध्यक्ष चौधरी प्रताप सिंह द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में 200 से अधिक लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वाशिंगटन डी.सी. शाखा की ओर से सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए उत्तम भोजन की व्यवस्था भी की गई।
इसके पश्चात 26 जनवरी 2026 को भारतीय दूतावास, वाशिंगटन डी.सी. के प्रांगण में विजेताओं के सम्मान हेतु विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक तथा समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर भारत के राजदूत माननीय श्री विवेक कुवात्रा ने विजेता बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप डॉलर राशि प्रदान की तथा सभी अभिभावकों का सम्मान भी किया।
इस प्रकार 11 जनवरी 2026 को आयोजित प्रतियोगिता एवं 26 जनवरी के सम्मान समारोह— दोनों ही कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, वाशिंगटन डी.सी. शाखा और भारतीय दूतावास, वाशिंगटन डी.सी. के सहयोग से अत्यंत सफल एवं बहुचर्चित रहे। शाखा के सभी सक्रिय कार्यकर्ता विशेष कर नरेंद्र टंडन जी, आशा चांद जी, रेणुका मिश्रा जी तथा शाखा अध्यक्ष चौधरी प्रताप सिंह के मार्गदर्शन एवं समर्पित सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम, विशेषकर भारतीय दूतावास की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने से, युवाओं एवं अभिभावकों को हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ने का अवसर मिलता है तथा उनमें नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है।
***
|
|
|
|
|
विश्व हिंदी दिवस 2026 समारोह वाशिंगटन डी.सी. शाखा
भारतीय वाणिज्य दूतावास का संयुक्त तत्वावधान
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति—ह्यूस्टन शाखा
“होली के हिंदी बोल 2026”
मार्च 1, 2026
द्वारा: स्वप्न धैर्यवान, ह्यूस्टन, न्यासी सदस्य, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति
|
|
|
|
|
“होली के हिंदी बोल 2026” स्थानीय प्रतिभाओं द्वारा प्रस्तुत हास्य, व्यंग्य और श्रृंगार से परिपूर्ण एक मनमोहक दोपहर रही। कार्यक्रम का आयोजन जैन प्रेक्षा सेंटर के सुंदर पिरामिड हॉल में मार्च 1, 2026 को दोपहर 2:15 बजे से 4:00 बजे तक किया गया।
इस साहित्यिक गोष्ठी में सात प्रस्तुतकर्ताओं ने अपनी रचनाओं से समाँ बाँध दिया। कार्यक्रम के सूत्रधार रहे संजय सोहोनी एवं राजीव भावसार। उपस्थित दर्शकों ने पूरे कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। प्रस्तुतकर्ता थे - फतेह अली चतुर, अमित जैन, देविका ध्रुव, पूनम भटनागर, सईद पठान, प्रवीना कड़किया एवं संगीता पासरीजा।
होली उत्सव की पूर्व संध्या पर निशा मिरानी द्वारा प्रायोजित ठंडाई के साथ स्वादिष्ट पोहा, समोसा, मीठा शीरा एवं चाय का भी सभी उपस्थित जनों ने आनंद लिया।
इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों एवं व्यवस्थापन टीम का हार्दिक धन्यवाद।
जय हो!!! बुरा न मानो, होली है।
होली की कविता
द्वारा: डॉ ओमप्रकाश गुप्ता, ह्यूस्टन, होली २०२६
*ह्यूस्टन में होली*
ह्यूस्टन में आनंद भयो है, होरी को रंग बरसे l
राम-कृष्ण दोउ खेलें होरी, देख-देख मन हरसे ll
ह्यूस्टन में आनंद भयो...
होरी खेलें गोकुल वासी, खेलें मथुरा - कासी l
राधा-कृष्णा खेलें होरी, घट घट के जो वासी ll
राम-सिया भी खेलें होरी, संग अयोध्या वासी l
हम भी खेलें होली भैय्या, मिलकर ह्यूस्टन वासी ll
ह्यूस्टन में आनंद भयो...
ह्यूस्टन की जो देखी होली, भोले शंकर आए l
संग भवानी को लेकर के, डमरू खूब बजाये ll
देख के ह्यूस्टन रंग-बिरंगा, गणनायक ललचाए l
रिद्धि-सिद्धि संग लेकर, वे ह्युस्टन दौड़े आए ll
ह्यूस्टन में आनंद भयो...
देखी ह्यूस्टन की जो होली, बरसाना ललचाया l
संग अयोध्या को लेकर, वृन्दावन भी आया ll
जगन्नाथपुरी भी चली आईं, संग द्वारिका लाईं l
तीरथ सारे ह्यूस्टन आए, रंग जाओ मेरे भाई ll
ह्यूस्टन में आनंद भयो...
मिलकर प्रेम से खेलो होली, ह्यूस्टन के सब भ्राता l
नाता जोड़ो राम से भैय्या, जीवन रंग का दाता ll
होली की देता तुम्हें बधाई, भरो प्रेम पिचकारी l
प्रेम से खेलो 'ॐ' से होली, हो जीवन सुखकारी ll
ह्यूस्टन में आनंद भयो...
***
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति—शार्लोट ,नार्थ केरोलिना शाखा
विश्व हिन्दी दिवस 2026 पर भव्य आयोजन समारोह
द्वारा: प्रिया भारद्वाज, अध्यक्ष , शार्लोट, नार्थ केरोलिना शाखा
|
|
|
|
|
विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर अमेरिका के शार्लट शहर स्थित हिन्दू सेंटर विहार हॉल से के सभागार में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन समिति की अध्यक्षा प्रिया भारद्वाज के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत एवं अमेरिका के राष्ट्रगान से हुई।
इसके पश्चात सुरेन्द्र, हेमंत अमीन, प्रफुल्ल मेहता, अशोक मेहता, मालती मेहता, विवेक वेनुमरि द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। तत्पश्चात शार्लट, उत्तरी कैरोलिना समिति की अध्यक्षा प्रिया भारद्वाज ने विश्व हिन्दी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। आप सभी को यह बताते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है कि इस वर्ष भी हमने हर साल की तरह कुछ नया करने का प्रयास किया। हमारी टीम का हमेशा उद्देश्य रहता है ,कि हम बच्चों के लिए कुछ अलग और रचनात्मक प्रस्तुत करें।
इस बार हमने बच्चों के साथ एक नया प्रयोग किया। सबसे पहले बच्चों द्वारा दस मिनट का एक छोटा सा नाटक प्रस्तुत कराया गया। इसके अतिरिक्त, बच्चों की रुचि को ध्यान में रखते हुए हमने आर्ट गैलरी गतिविधि को विशेष रूप से शामिल किया, जिसमें लगभग 80 बच्चों ने भाग लिया। इस वर्ष का हमारा विशेष प्रयोग था — “आर्ट ग्रिड”। हमारा उद्देश्य था कि बच्चों को भारत के विभिन्न राज्यों का ज्ञान हो। हम चाहते थे कि वे प्रत्येक राज्य के बारे में जानकारी प्राप्त करें और उसे प्रस्तुत करें। बच्चों को स्वतंत्रता दी गई कि वे अपनी सामग्री अंग्रेज़ी में लिख सकते हैं, लेकिन प्रस्तुति हिंदी में देंगे।
कुल 60 बच्चों ने इस आर्ट ग्रिड प्रोजेक्ट में भाग लिया। इनमें से लगभग 20 बच्चे ऐसे थे जो हिंदी लिखना जानते थे, हालांकि वे पूरी तरह से सहज नहीं थे। फिर भी उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रत्येक बच्चे को 30 सेकंड का समय दिया गया, जिसमें उन्होंने अपने राज्य का नाम बताया, वहाँ के प्रमुख उत्पादों की जानकारी दी, वहाँ की संस्कृति, परिधान और भाषा के बारे में बताया।
इस प्रोजेक्ट की तैयारी के लिए हमने तीन स्थान निर्धारित किए — कुछ बच्चे मेरे यहाँ, कुछ नेहा जी के यहाँ और कुछ करमत्रा जी के यहाँ अभ्यास करने आए। हमारे साथ कुछ आर्टिस्ट जुड़े हुए हैं, लेकिन तैयारी तीन स्थानों पर व्यवस्थित रूप से करवाई गई।आर्ट ग्रिड का मुख्य उद्देश्य था बच्चों को भारत के प्रांतों से परिचित कराना — वहाँ के प्रमुख उत्पादन, पारंपरिक परिधान और बोली जाने वाली भाषा के माध्यम से उनकी संस्कृति को समझाना।
हमें यह बताते हुए अत्यंत खुशी हो रही है कि यह प्रयोग पूर्णतः सफल रहा। बच्चों को न केवल विषय का ज्ञान हुआ, बल्कि उन्हें विज़ुअलाइज़ेशन के माध्यम से यह स्पष्ट समझ भी मिली कि किस प्रांत में क्या उत्पादन होता है, वहाँ के लोग किस प्रकार के परिधान पहनते हैं और कौन-सी भाषा बोली जाती है। इस प्रकार हमारा उद्देश्य सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।
कार्यक्रम में आयोजित कवि सम्मेलन 9 कवि - कवयित्रियों एवं फैशन शो में 75 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। फैशन शो के माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं ने नारी शक्ति, ऐतिहासिक रानियाँ, भारत की विविध संस्कृतियाँ और इतिहास की सुंदर झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में पति-पत्नी की प्रस्तुति के माध्यम से युवा जोड़ों के लिए एक मधुर और प्रेरणादायक संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मध्य आयोजित कवि सम्मेलन में अंजू अग्रवाल, श्वेता गुप्ता, प्रवीण तिवारी, तोषी, तृप्ति तिवारी, आशीष तिवारी एवं प्रिया जी ने अपनी सशक्त कविताओं का पाठ किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोजित फैशन शो का मुख्य विषय “रहा। महिलाओं ने रंग-बिरंगी भारतीय वेशभूषा में विभिन्न भारतीय त्योहारों को प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र वितरण के साथ किया गया। साधना मिश्रा ने मैं दीवानी में रिधिमा के साथ उत्तम प्रस्तुति दी और दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए ।
नन्हे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी सभी को भावविभोर कर दिया। आशी के द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम, तोषी के बाल कलाकारों की “टुकुर-टुकुर” प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। दिव्या त्रिपाठी ने “सरस्वती वंदना” की मनमोहक प्रस्तुति दी।आशी और अनन्या ने उत्तम नृत्य प्रस्तुति दी । कोरियोग्राफर सोमा निहारिका पटेरिया एवं तोषी चौरे के निर्देशन में बच्चों द्वारा एवं देशभक्ति विषय पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया गया। आशीष के देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत ‘होठों पर सच्चाई रहती है’ ने श्रोताओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत कर दी।
अन्य प्रस्तुतियों में साधना मिश्रा का नृत्य तथा राकेश अरोड़ा और रीना अरोड़ा द्वारा प्रस्तुत गीत चंदन सा बदन चंचल चितवन और सावन जा महीना शामिल रहा।जो सभी ने बहुत सराहा । आशीष जी के गीत को सुनकर दर्शक मात्र मुग्ध हो गए और चंदन जी ने भी उत्तम प्रस्तुति दी
इसी अवसर पर बच्चों के बौद्धिक विकास एवं हिन्दी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।
सामूहिक रूप से यह आयोजन हिन्दी भाषा, भारतीय संस्कृति और सामुदायिक एकता का सुंदर उत्सव रहा। करमबत्रा जी और नेहा कटारिया प्रिया भारद्वाज द्वारा आर्ट ग्रिड वर्क शॉप और ऑनलाइन प्रतियोगिता के छात्रों को पुरस्कृत किया गया । तकनीकी कार्य का संचालन आलोक दवे जी शेखर जी और श्वेता पांडे , निधि शर्मा, गुड्डी ,दिव्या चौबे द्वारा किया गया ।
सारा शार्लोट हिंदी के रंगों में सराबोर हो गया ।
***
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति-- उत्तर पूर्व ओहायो शाखा रिपोर्ट
विश्व हिंदी दिवस समारोह- शिव विष्णु मंदिर, पारमा, ओहायो
१८ जनवरी, २०२६
द्वारा: स्मिता राव, उत्तर पूर्व ओहायो शाखा
|
|
|
|
|
धरती पे हर ओर,हिंदी का परचम लहराए,
शब्दों की माला गूंथकर, मन के भाव सजाए।
जैसे दीपक जले अंधेरे में, ज्ञान की ज्योति जगाए,
वैसे ही हिंदी हमारी, संस्कृति का मान बढ़ाए।
गीत, गजल, कविता, भजन से, महफिल में रंग बिखरे,
नृत्य और संगीत की धारा, हर दिल में उतरे
सागर पार बसे हम भारत के, पर दिल में भारत बसता,
विश्व हिंदी दिवस मनाकर देखो, कैसा उल्लास उमड़ता।
|
|
|
|
|
अमेरिका की धरती पर हिंदी की सुगंध बिखेरते हुए अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति,उत्तर पूर्व ओहायो शाखा ने १८ जनवरी, २०२६ को शिव विष्णु मंदिर में विश्व हिंदी दिवस का भव्य और यादगार आयोजन किया। छन्द, कविता, दोहे, गीत, भजन, नृत्य, शेर और शायरी के रंगों से सजा यह कार्यक्रम हिंदी प्रेमियों के हृदय में एक मधुर स्मृति बनकर अंकित हो गया।
श्रीमती स्मिता राव तथा श्रीमती शीला लाहोटी आज शाम के सूत्रधार थे । उन्होंने कार्यक्रम का सुचारु संचालन और प्रस्तुतियों को अत्यंत व्यवस्थित रूप से सबों का स्वागत करते हुये आगे बढ़ाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और श्रीमती चंद्रिका गोपाल की मधुर सरस्वती वंदना से हुआ । दीप प्रज्वलन में सम्मिलित हुए — डॉ. राकेश रंजन (नॉर्थ ईस्ट ओहायो शाखा अध्यक्ष), श्री अश्विनी भारद्वाज ( शाखा के पूर्व अध्यक्ष), श्री मनीष त्रिवेदी(शिव विष्णु मंदिर प्रतिनिधि), डॉ. प्रकाश सिन्हा ( इंडिया इंटरनेशनल न्यूज़ के प्रकाशक ) श्रीमती वंदना हरियाणी ( आजीवन सदस्य और समिति सहयोगक) श्रीमती निशा रॉय (आजीवन सदस्य और समिति सहयोगक) श्रीमती सुधा कनोडिया ( आजीवन सदस्य और समिति की सक्रिय सदस्या)।
हिंदी समिति के पूर्व अध्यक्ष श्री अश्विनी भारद्वाज ( २०२४-२५)ने हार्दिक स्वागत भाषण दिया और हिंदी की महत्ता और शाखा द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उत्तर पूर्व ओहायो के युवा समिति के अध्यक्ष फलक दाहिया से मुलाक़ात करवाई । फलक दाहिया ने युवा समिति के लक्ष एवं सदस्यों से दर्शकों को स्लाइड शो के द्वारा अवगत कराया ।तत्पश्चात् अश्विनी भारद्वाज ( २०२४-२५)अध्यक्ष ने अत्यंत भावपूर्ण शब्दों में अपना कार्यभार नए शाखा अध्यक्ष डॉ. राकेश रंजन ( २०२६-२७) को सौंपा।
स्वामी नारायण मंदिर के आदरणीय आचार्य जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया और श्रोताओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि "भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि संस्कृति, विचार और भावनाओं का आदान-प्रदान है"। शिव विष्णु मंदिर के प्रतिनिधि श्री मनीष त्रिवेदी ने भी हिंदी भाषा के महत्व और उसकी वैश्विक उपस्थिति के बारे में विस्तार से बताया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ में ज्यादातर (लगभग ७५-८० प्रतिशत) युवाओं की प्रतिभायें थी और ये उत्तर पूर्व ओहायो शाखा के लिए बहुत ही सराहनीय और गौरव की बात थी ।डॉ. प्रांजल शर्मा ने अपनी मनमोहक कविता एवं शायरी से कार्यक्रम को आगे बढ़ाया और श्रोताओं को भावविभोर कर दिया ।
नन्हे कलाकारों दिव्यम सभरवाल और महक सभरवाल ने 'जीता है मेरे साथ मेरा देश' और 'भागा चूहा' कविताओं का पाठ अत्यंत प्यारे अंदाज़ में किया, जो सभी दर्शकों के हृदय को छू गया। नवमी तिवारी ने 'मेरे भारत की बेटी' पर सुंदर नृत्य प्रस्तुति दी । नृत्य में चेहरे का भाव और शारीरिक गतियाँ दोनों अनोखे थे और दर्शकों को मोहित कर दिया । रोशिनी जी के नृत्य समूह से इंद्रिया, चित्रा, अनु, सौम्या, पावनी और बीना ने अत्यंत मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी।उनके लयबद्ध और भावपूर्ण नृत्य ने दर्शकों को मुग्ध कर दिया।
बाल नाटक (६ से ८ वर्ष के युवा ) 'जादुई परीक्षा में सत्य की विजय'-एक अद्भुत नाटक अस्प्रीत मिश्रा , तुलसी श्रीवास्तव, रिदम , आध्या और किंसु द्वारा सजीव अभिनय किया गया ।नेहा राजपूत ने कथन विवरण दिया और स्मिता राव ने कथानक तैयार किया। यह नाटक सत्य और ईमानदारी के मूल्यों को दर्शाने वाला और अत्यंत प्रेरक था।युवा कलाकार महिका जैन, किंजल जैन और अन्वी नेवासकर ने 'वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो' का ओजपूर्ण काव्य-पाठ किया।
फलक दाहिया ( हमारी शाखा के युवा समिति की अध्यक्ष) ने अपनी मौलिक कविता 'हमारी पहचान है हिंदी' से यह सुनिश्चित किया कि नई पीढ़ी, हिंदी को और विस्तार देगी तथा भाषा की गरिमा को बनाए रखेगी।
वीणा माथुर जी के शिष्य ने 'किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार' को वाद्य यंत्र में सुनाया ।अवनी गुप्ता, अर्णेश सरस्वत, सौरव माथुर, सूरज माथुर और अजय कुमार ने 'पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा' गाकर समां बांध दिया। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा। वीणा माथुर के समूह ने 'पल पल पल हर पल' गीत अत्यंत मनमोहक तरीके से प्रस्तुत किया, जिसमें आशा कुमार, अंजलि कुमार, समर्थ वक्ति और वीराज कटियार शामिल थे। वंदना भारद्वाज ने 'मैं मज़े में हूँ' गीत गाकर सभी का भरपूर मनोरंजन किया।
प्रत्युष रंजन जी के गाए गीत 'वो जब याद आए, बहुत याद आए' (पारसमणि) ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी सुरीली आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति पर करतल ध्वनियोंकी गड़गड़ाहट से भरपूर प्रेम लुटाया गया। वैद्यनाथ राजन जी ने जगजीत सिंह की प्रसिद्ध ग़ज़ल 'अपनी मर्जी से' गाकर अपनी शायरी, शेर और अदाओं से श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा।
समृधि, शिवांश और सात्विक ने बाल नाटक 'शिव कैलाश के वासी' प्रस्तुत किया, जो अत्यंत भावपूर्ण और रोचक था।
'वंदे मातरम् के १५० साल’ की अनुपम प्रस्तुति डॉ. शोभा खंडेलवाल और सुगाता चटर्जी ने किया । डॉ. खंडेलवाल ने संचिप्त में इतिहास बताया और सुगाता चटर्जी ने गीत गाया । ये प्रेजेंटेशन और गीत का सुंदर समन्वय था । यह प्रस्तुति देशभक्ति कीभावना से ओतप्रोत थी और सभी उपस्थित जनों के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत कर गई।
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष (२०२४-२५) डॉ. शैल जैन ने समिति के गत दो वर्ष के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी, लोगों से हिंदी के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का और समिति के सदस्य बनने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी सूचित किया कि २०२६-२७ में वे नॉर्थ ईस्ट ओहायो शाखा के युवा समिति और अन्य कार्यक्रमों पर अधिक ध्यान केंद्रित करेंगी।
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति के सचिव डॉ. सोमनाथ रॉय ने अपनी चिर-परिचित मुस्कान और सौम्य वाणी के साथ सभी आयोजकों, कलाकारों, स्वयं सेवकों और दर्शकों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया ।सजावट समिति , बोर्ड डिस्प्ले ,प्रचार - प्रसार समिति , रजिस्ट्रेशन डेस्क, ऑडियो वीडियो आयोजकों और सांस्कृतिक समिति से श्री गिरीश शुक्ला , सुनीता द्विवेदी ,अश्विनी भारद्वाज सहित सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया । ।महेश देसाई का विशेष आभार जो हमारे कार्यक्रम को यूट्यूब एवं टी .वी. एशिया पर प्रसारित कर विश्व के दर्शकों तक पहुँचाते हैं ।इंडिया इंटरनेशनल ( India International ) समाचार पत्र के प्रकाशक डॉ. प्रकाश सिन्हा का भी विशेष आभार प्रगट किया । स्वादिष्ट रात्रि भोजन का सुंदर प्रबंध करने के लिये किरण गोयल और निशा रॉय की टीम और इंडिया कैफ़े (गजेंद्र जी ) खाना सप्लाई करने के लिये ।
अंततः किरण खेतान वह चेहरा, जो मंच पर नहीं दिखता, परंतु पर्दे के पीछे इस पूरे कार्यक्रम की धुरी हैं। सभी हिंदी प्रेमियों और समिति की ओर से उन्हें हार्दिक धन्यवाद और आभार।कार्यक्रम के भावपूर्ण समापन में सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर भारत और अमेरिका दोनों देशों के राष्ट्रगान गाए। यह क्षण अत्यंत भावुक, गर्व से भरपूर और स्मरणीय था।
विश्व हिन्दी दिवस की यह शाम मनोरंजन, सांस्कृतिक विविधता और आनंद से परिपूर्ण रही।बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था । दर्शकों का उत्साह बिल्कुल अलग दिख रहा था और कार्यक्रम के दौरान १० नए सदस्य बने (४ - आजीवन ; ६- वार्षिक)। सभी उपस्थित लोग भोजन के दौरान बच्चों के प्रोत्साह, विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जागरूकता के बारे में बातें कर रहे थे । १५० से २०० हिंदी प्रेमियों को एकत्र देखना — अमेरिका की धरती पर — अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण अनुभूति है।यह एक मधुर स्मृतियों का अविस्मरणीय विश्व हिंदी दिवस रहा।
***
|
|
 |
|
|
|
अपनी कवितायेँ
"जिंदगी"
द्वारा: प्रकाश सिंह, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, उत्तर पूर्व ओहायो शाखा
|
|
|
|
|
|
|
पटना विश्वविद्यालय में 3 वर्षों तक अंग्रेज़ी पढ़ाने के बाद प्रकाश सिन्हा ने नई दिल्ली में ‘ द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ ( Times of India) में संपादक के रूप में कार्यभार संभाला।
1997 में वे एक अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रबंधन कंपनी में संपादक एवं उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करने के लिए अमेरिका आए, जहाँ से वे हाल ही में सेवानिवृत्त हुए। वे ओहायो के क्लीवलैंड से प्रकाशित भारतीय समुदाय के समाचार पत्र “इंडिया न्यूज़ इंटरनेशनल” के प्रकाशक एवं संपादक हैं। अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, उत्तर पूर्व ओहायो शाखा के लंबे समय से सहायक और प्रचारक भी है ।
|
| |
|
|
|
|
"जिंदगी"
ज़िंदगी के हर रास्ते मुश्किल न थे,
पर जहाँ थे, वहीं से जीना सीखा।
कैसे भूल जाऊँ वो अँधेरी गलियाँ,
जहाँ ठोकरें खाकर उठना सीखा।
कभी भटक गए थे हम जिस मोड़ पर,
उसी मोड़ से सही राह पकड़ना सीखा।
जब मुड़ गए जो साथ चले थे हमारे,
कठिन राहों पर अकेले चलना सीखा।
कैसे भूल जाऊँ वक़्त के बदलते मिज़ाज,
वहीं से तो हमने संभलना सीखा।
क्या डरेगा वो शख़्स गिरने से कभी,
जिसने ठोकरें खाकर चलना सीखा।
***
|
|
|
|
|
अपनी कवितायेँ
"पीड़ा का अनुवाद"
द्वारा: कवि डॉ. सुरेश अवस्थी , भारत
|
|
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय कवि डॉ. सुरेश अवस्थी, कानपुर, उत्तर प्रदेश, भारत, अ.हि.स. की भारत शाखा, उत्तर प्रदेश, कानपुर के संस्थापक अध्यक्ष रहे हैं। इन्हें बहुत से सम्मान के साथ-साथ राष्ट्रपति सम्मान एवं काका हाथरसी सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। इनके कई व्यंग्य संग्रह, कविता संग्रह एवं कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुकें हैं।
|
| |
|
|
|
|
पीड़ा का अनुवाद
पीड़ा का अनुवाद है कविता।
खुद से इक संवाद है कविता
बादल से जब बूंदें झरतीं
पातों की तब अंजुरी भरतीं
बाल हठें कागज की नौका
सागर की यात्राएं करतीं
कुदरत से आबाद है कविता
खुद से इक.....
कहने को मेले पर मेले
फिर भी हम हैं निपट अकेले
संत्रासों की लहरों के संग
मांझी तो हरदम ही खेले
मन के सुख की खाद है कविता
खुद से इक ....
होंठ दबा जब हंसता कोई
मन आंगन तब बसता कोई
सपन सभी सच होने लगते
बांहों में जब कसता कोई
सोंधी सोंधी याद है कविता
खुद से इक.....
निर्गुण आंखें सूरा खोले
सच की बानी कबिरा बोले
तुलसी गाते मर्यादा को
मीरा भक्ति प्रेम रस घोले
जन जन की फरियाद है कविता
खुद से इक संवाद है कविता.
***
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति -- हार्दिक बधाई
विश्व महिला दिवस - मार्च 8, 2026 पर आयोजित समारोह में
श्रीमती किरण खेतान सम्मानित
द्वारा : डॉ. शैल जैन, उत्तर पूर्व ओहायो शाखा
|
|
|
|
|
विश्व महिला दिवस (International Women’s Day) के अवसर पर मार्च 8, 2026 को आयोजित समारोह में श्रीमती किरण खेतान को सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई । किरण जी की प्रेरणादायक जीवन यात्रा अनेक लोगों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का साहस प्रदान करती है। इनका योगदान हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को अमेरिका में विकसित करने में 40 से अधिक सालों से बहुत महत्वपूर्ण रहा है ।
इस गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन और सुंदर संचालन श्री स्वामी नारायण मंदिर (Shree Swaminarayan Hindu Temple), रिचमंड हाईट्स , ओहायो में किया गया। यह सम्मान उन विशिष्ट महिलाओं को समर्पित है, जिन्होंने अपनी शक्ति, गरिमा, उपलब्धियों और समाज सेवा के माध्यम से सभी महिलाओं को गौरवान्वित किया है। समाज की 8 महिलाओं के साथ रिचमंड हाईट्स की मेयर किम ए थॉमस (Kim A. Thomas) को भी इस सम्मान से सम्मानित किया गया।
***
|
|
|
|
|
संवाद के सभी अंक, जून २०२१ से आरम्भ करके अभी तक
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति के साइट पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
All the Samwad editions, starting from June 2021 till current - are available online now.
https://hindi.org/samwad
द्वारा : डॉ. शैल जैन, ई-संवाद संपादक, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति
|
|
|
|
|
पाठकों की अपनी हिंदी में लिखी कहानियाँ, लेख, कवितायें इत्यादि का
ई - संवाद पत्रिका में प्रकाशन के लिये स्वागत है।
|
|
|
|
|
"प्रविष्टियाँ भेजने वाले रचनाकारों के लिए दिशा-निर्देश"
1. रचनाओं में एक पक्षीय, कट्टरतावादी, अवैज्ञानिक, सांप्रदायिक, रंग- नस्लभेदी, अतार्किक
अन्धविश्वासी, अफवाही और प्रचारात्मक सामग्री से परहेज करें। सर्वसमावेशी और वैश्विक
मानवीय दृष्टि अपनाएँ।
2. रचना एरियल यूनीकोड MS या मंगल फॉण्ट में भेजें।
3. अपने बायोडाटा को word और pdf document में भेजें। अपने बायो डेटा में डाक का पता, ईमेल, फोन नंबर ज़रूर भेजें। हाँ, ये सूचनायें हमारी जानकारी के लिए ये आवश्यक हैं। ये समाचार पत्रिका में नहीं छापी जायेगी।
4. अपनी पासपोर्ट साइज़ तस्वीर अलग स्पष्ट पृष्ठभूमि में भेजें।
5. हम केवल उन रचनाओं को प्रकाशित करने की प्रक्रिया करते हैं जो केवल अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति को भेजी जाती हैं। रचना के साथ अप्रकाशित और मौलिक होने का प्रमाणपत्र भी संलग्न करें।
E-mail to: shailj53@hotmail.com
shailj53@gmail.com
Contact: 330-421-7528 (Mobile)
***
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति
हिंदी लेखन के लिए स्वयंसेवकों की आवश्यकता
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति के विभिन्न प्रकाशनों के लिए हम हिंदी (और अंग्रेजी दोनों) में लेखन सेवाओं के लिए समर्पित स्वयंसेवकों की तलाश कर रहे हैं जो आकर्षक और सूचनात्मक लेख, कार्यक्रम सारांश और प्रचार सामग्री आदि तैयार करने में हमारी मदद कर सकें।
यह आपके लेखन कौशल को प्रदर्शित करने, हमारी समृद्ध संस्कृति को दर्शाने और हिंदी साहित्य के प्रति जुनून रखने वाले समान विचारधारा वाले व्यक्तियों से जुड़ने का एक अच्छा अवसर है। यदि आपको लेखन का शौक है और आप इस उद्देश्य के लिए अपना समय और प्रतिभा योगदान करने में रुचि रखते हैं, तो कृपया हमसे alok.iha@gmail.com पर ईमेल द्वारा संपर्क करें। साथ मिलकर, हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने और संरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
प्रबंध सम्पादक: श्री आलोक मिश्र
alok.iha@gmail.com
***
|
|
|
|
|
“संवाद” की कार्यकारिणी समिति
|
|
|
|
|
प्रबंद्ध संपादक – श्री आलोक मिश्र, NH, alok.iha@gmail.com
संपादक -- डॉ. शैल जैन, OH, shailj53@hotmail.com
सहसंपादक – अलका खंडेलवाल, OH, alkakhandelwal62@gmail.com
डिज़ाइनर – डॉ. शैल जैन, OH, shailj53@hotmail.com
तकनीकी सलाहकार – मनीष जैन, OH, maniff@gmail.com
|
|
|
रचनाओं में व्यक्त विचार लेखकों के अपने हैं। उनका अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति की रीति - नीति से कोई संबंध नहीं है।
|
|
|
|
|
 |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
This email was sent to {{ contact.EMAIL }}You received this email because you are registered with International Hindi Association
mail@hindi.org | www.hindi.org
Management Team
|
|
|
|
|
|
|
|
|
© 2020 International Hindi Association
|
|
|
|
|