|
|
|
|
|
|
|
INTERNATIONAL HINDI ASSOCIATION'S NEWSLETTER
जुलाई 2021, अंक 2 | प्रबंध सम्पादक: सुशीला मोहनका
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
Human Excellence Depends on Culture. The Soul of Culture is Language
भाषा द्वारा संस्कृति का प्रतिपादन
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
अध्यक्षीय संदेश
|
|
|
|
- अजय चड्ढा
अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति की दूसरी मासिक ई-पत्रिका 'संवाद' सभी को जा रहा है। ‘IHA Samvaad, Jun.’ आप सबने पढ़ा और अपनी प्रतिक्रियाएं भेजी इसके लिए धन्यवाद। अब कोविड19 का प्रकोप पहले से कम हुआ है पर अभी भी सभी सरकारों ने आवश्यकता के अनुसार नियम बनाये हैं जिनका पालन एक अनिवार्य आवश्यकता समझकर सभी को करना है। साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति की गतिविधियों को बनाये रखना है। त्रैमासिक ‘विश्वा’ पत्रिका का अप्रैल २०२१ का अंक आप सब को मिल गया होगा, आपकी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी। कोरोना महामारी के समय में पूरी दुनिया जीवन रक्षा की चिंता में लगी हुई है। संकट की इस घड़ी में जो वैश्विक नुकसान हुआ है, उसका दु:ख हम सबको है। शोक संतप्त परिजनों और पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं।
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
हिन्दी भाषा का समर कैंप डिस्टेंस लर्निंग यानी ज़ूम के माध्यम से
|
|
|
|
अ.हि.स.,ओहायो, हिन्दी समर कैंप - इस ऑनलाइन कार्यक्रम के द्वारा छात्रों को हिंदी और भारतीय संस्कृति से जुड़ने में सहायता मिलेगी। ज़ूम पर ऑनलाइन आभासी कार्यक्रम जिस का मुख्य विषय - “देखिए और जानिए: मुझे और मेरी दुनिया को" है।
पूर्वी वर्षों में - प्रति वर्ष जुलाई माह में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति के माध्यम से ‘हिन्दी समर कैंप’ ओहायो राज्य में, पिछले कई वर्षों से हो रहे हैं। इस वर्ष जब समिति ने ‘हिन्दी समर कैंप’ की योजना बनानी प्रारम्भ की थी समिति को विश्वास था कि कोविड-19 का संकट समाप्त हो जायेगा पर ऐसा नहीं हुआ। इस वर्ष कोविड-19 की भीषण महामारी के दूसरे दौर के आ जाने के कारण ‘हिन्दी समर कैंप’ पुनः ज़ूम के माध्यम से ही होगा और ओहायो के बाहर के विद्यार्थी भी इस समर कैंप का लाभ उठा सकेंगे। यहाँ पूरा पढ़ें
यदि आपका बच्चा भाग लेने में रुचि रखता है, तो फॉर्म भरने और पंजीकरण पूरा करने के लिए कृपया नीचे दिए गए लिंक का पालन करने के लिए Ctrl + क्लिक करें।
To register for the IHA Hindi Summer Camp 2021, please click here.
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
२०वें द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन 2021 के पदाधिकारी
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
पिछले सप्ताह कार्यकारिणी समिति की दूरभाष पर हुयी बैठक में अध्यक्ष अजय चड्डा ने बताया कि श्रीमती किरण खेतान, समिति की निदेशिका एवं शिक्षण-समिति की सदस्य को आगामी अधिवेशन की संयोजिका मनोनीत किया गया। साथ ही डॉ. शोभा खंडेलवाल, उत्तर-पूर्व ओहायो शाखा की वर्तमान अध्यक्षा एवं श्रीमती रेणु चड्डा, उत्तर-पूर्व ओहायो शाखा की निवर्तमान अध्यक्षा को अधिवेशन की सहसंयोजिका मनोनीत किया गया।
श्रीमती किरण खेतान ने बताया कि अधिवेशन की सचिव श्रीमती रश्मि चोपड़ा और कोषाध्यक्ष श्री सुनीत जैन है ।
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
किरण खेतान, संयोजिका | डॉ. शोभा खंडेलवाल, सहसंयोजिका | रेणु चड्डा, सहसंयोजिका
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
श्रीमती रश्मि चोपड़ा, सचिव | श्री सुनीत जैन, कोषाध्यक्ष
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
अधिवेशन की तिथि
8, 9,10 अक्टूबर - 2021 की तिथि सुनिश्चित की गयी
सप्ताहांत को सुरक्षित करें
अधिवेशन की स्थान
क्लीवलैंड, ओहायो, अमेरिका
अधिवेशन का मूल विषय
‘दूसरी भाषा के रूप में हिंदी सीखने और सिखाने की विधि’
‘Teaching & Learning Techniques for Hindi as a 2nd Language’
नोट- तीन दिनों के अधिवेशन में सारी गतिविधियाँ मूल विषय के लक्ष्य की पूरक रहेंगी ।
हिन्दी भाषा हमारी भावी पीढ़ियों के बीच हमारी संस्कृति और पहचान को बनाए रखने की कुंजी है।
स्मारिका, पुरस्कार, सम्मान, पुस्तक-विमोचन, कवि-सम्मेलन, कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्वादिष्ट भोजन, विभिन्न खेलों और सभी उम्र के लोगों के लिए आनन्द ही आनन्द, साथ ही बहुत कुछ नया सीखने के लिए, कृपया अपने परिवार और मित्रों के साथ बड़ी संख्या में शामिल हों।
अंतरराष्ट्रीय हिन्दी समिति की सभी स्थानीय समितियों के लिए शुभ समाचार
२०वें द्विवार्षिक अधिवेशन के अवसर पर स्मारिका का प्रकाशन सुनिश्चित
समिति की सभी शाखाओं से विनम्र निवेदन है
- विगत दो वर्ष याने २०२०-२१ के सत्र में हुई मुख्य गतिविधियाँ एवं वर्तमान पदाधिकारियों के विवरण एवं फोटो के साथ एक या दो पन्नों की रिपोर्ट बनाकर स्मारिका के लिये भेजने का कष्ट करें।
- अगर आपकी समिति में २०२२-२३ के लिए नये पदाधिकारियों का चुनाव हो गया हो तो उनके नाम फोटो के साथ भेजिये।
- अपनी समिति के सदस्यों को आने वाले २० वें द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन की जानकारी प्रेषित करें।
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
|
‘एक सुरमयी शाम डॉ. कुंवर बेचैन के नाम’
स्वपन धैर्यवान, अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति के पूर्व अध्यक्ष
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
१ जुलाई १९४२ - २९ अप्रैल २०२१
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति की ह्यूस्टन शाखा द्वारा ‘एक सुरमयी शाम डॉ. कुंवर बेचैन के नाम’, कार्यक्रम का आयोजन संध्या ८ बजे,११ जून २०२१ को ज़ूम एवं फेसबुक पर प्रसारित किया गया। स्टेज पर २५ लोग उपस्थित थे तथा २७० से अधिक श्रोताओं ने अपने घर में बैठे कार्यक्रम का आनन्द लिया। डॉ. के.डी. उपाध्याय ने सूत्रधार की भूमिका बहुत ही अच्छी तरह निभाई। क़विवर कुँवर बेचैन जी को श्रद्धांजलि देते हुए उनसे अपने पुराने भारत से नज़दीकी सम्बन्ध के बारे में बताते हुए बताया कि उनकी धर्मपत्नी डॉ. सरोज उपाध्याय ने PhD कुँवर जी के निरिक्षण में की थी। साथ ही यह भी बताया कि आज के कार्यक्रम में सभी डॉ. कुंवर बेचैन की कविताओं को ही सुनायेंगे। उन्होंने अपने अनेकों संस्मरण की बातें साझा की और कार्यक्रम को अंत तक जीवंत रखा। सचमुच डॉ. उपाध्याय ऊर्जा के भण्डार हैं। प्रारम्भ में डॉ. सरोज उपाध्याय ने कुंवर जी की सुंदर कविता और उनकी यादें प्रेक्षकों को बताई। मंच और श्रोता मंत्र मुग्ध रहे। ‘जिंदगी यूँ भी जली, यूँ भी जली मीलों तक चांदनी चार कदम, धूप चली मीलों तक’ को सुना कर मंच और श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
स्वपन धैर्यवान ने अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति, ह्यूस्टन में २०२०-२१ से अब तक हुए कार्यक्रमों एवं अन्य गतिविधियों के बारे में बहुत ही अच्छी तरह जनता जनार्दन को जानकारी दी। उन्होंने कोविद-१९ के संकट कल के दौरान संस्था को इस प्रकार प्रासंगिक (relevant) रखने का श्रेय ह्यूस्टन शाखा की कार्यकारिणी समिति की एकता को दिया। आगे उन्होंने बताया कि ७ अगस्त २०२१ को दो घंटे का बच्चों का कार्यक्रम होगा। अंत में स्वपन धैर्यवान ने कुँवर जी लिखी २ कविताएँ, संवेदनशील और आशावादी बड़ी ही अच्छी तरह सुनाई- “बेटियाँ शीतल हवाएँ है” और “नया दौर”।
शाखा अध्यक्ष राजीव भावसार जी ने बेचैन जी को सादर नमन करते हुए अपनी भावभीनी श्रधांजलि दी।
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
उसके बाद उनकी कविता ‘शब्दों का महत्व’ पढ़ी। संगीता पसरिजा जी, फतह अली चतुर जी, हविशा जी एवं ह्यूस्टन की शान और मुशायरों के सरताज नौशा असरार ने अपने अपने शब्दों में बैचैन जी को श्रद्धांजली देते हुये, २०१३ की उनकी ह्यूस्टन यात्रा के दौरान बिताये हुए कुछ सुखद पलों को याद किया। सभी ने बैचैन जी के विभीन्न गीतों को सुना कर सभी श्रोताओं का मन मोह लिया। अंत में संगीता पसरिजा जी ने उनकी यादें और सुंदर कविता “नदी कहे समंदर से” रोमांचकारी और उम्दा स्मरण से पेश कर दी। अति सुंदर।
फ़तह अली चतुर जी ने कुँवर जी मंच को हिला दिया। छोटी सी कविता परंतु विलोभनिय। इसके बाद आयी हविशा जी जिन्होंने २ कवितायें सुनायी और अपने सस्वर पथ से कार्यक्रम को एक नयी मंज़िल पर ले गयी। पहली बार १५ रोज़ पूर्व ही हविशा ने कुँवर जी के बारे में जाना था उसके बाद से ही परंतु अब उनकी ही कविताएँ घर में सुनती और सुनाती है। ह्यूस्टन की शान और मुशायरों के सरताज नौशा असरार ने आ के बख़ूबी उनकी एक कविता और एक ग़ज़ल सुरीली आवाज़ से, वह श्रोताओं को एक दूसरी दुनिया में ले गए।
कार्यक्रम के अंत में निशा मिरानी जी और चार्ली पटेल जी ने आभार प्रदर्शन किया और कवियों को सम्मानित किया। एक बार फिर सुंदर और अविस्मरणीय कार्यक्रम से ह्यूस्टन समिति का झंडा लहराया।
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
हिंदुस्तानी महफ़िल’ अंतरराष्ट्रीय काव्य गोष्ठी
|
|
|
|
रेनू चड्डा
हिन्दुस्तानी महफ़िल आभासी काव्य-गोष्ठी – शुक्रवार, २६ मार्च २०२१, शाम ७:०० से ९:२० बजे EST
कार्यक्रम का संचालन डॉ. तेज पारीक, क्लीवलैंड, ओहायो ने बहुत ही अच्छी तरह किया। उन्होंने ‘हिंदुस्तानी महफ़िल’ समिति का परिचय देते हुए बताया कि यह अप्रवासी भारतीयों के एक ऐसे परिवार की संकल्पना है जहाँ भारतीय साहित्य और कला के विविध रूपों का पोषण, संवर्धन और प्रोत्साहन किया जा सके। ३ वर्ष पूर्व, २०१८ में अमेरिका के क्लीवलैंड, ओहायो राज्य से प्रारम्भ हुआ ये परिवार आज भारत, कनाडा और रूस तक अपना विस्तार पा चुका है। अब तक तीन दर्जन से अधिक औपचारिक और अनौपचारिक गोष्ठीयों का आयोजन कर चुकी हिंदुस्तानी महफ़िल उन कवियों, शायरों, गीतकारों और कलाकारों का मंच तो है ही जिन्हें दुनिया विविध कार्यक्रमों के माध्यम से बखूबी पहचानती है, परंतु विशेष रूप से उन कलाकारों का मंच है जिनकी लेखनी को प्रोत्साहन के पोषण की आवश्यकता है। आज की कवि गोष्ठी के बारे में यहाँ पूरा पढ़ें
समिति का वेबसाइट और फेसबुक लिंक निचे लिखे अनुसार है :
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
संवाद-पत्र का स्वागत
परिवार के सदस्यों में उत्साह
समिति के संवाद-पत्र का परिवार के सदस्यों ने उत्साह से स्वागत किया, धन्यवाद। सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आग्रह है कि भारत की समितियां भी अपने यहाँ जिस भी विधि से संवाद स्थापित हो सके,करें और उन गतिविधियों/आयोजनों की रपट सचित्र भिजवायें जिससे परिवार की अन्य समितियों/ सदस्यों को आपसी जुड़ाव की प्रेरणा मिले।
“समिति के पहले ‘IHA Samvaad, Jun. 2021, Vol. 1’ पर आयी प्रतिक्रिया” पूरा पढ़ें
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
जीवन की परिभाषा
|
|
|
|
हविषा करिहालू (Havvisha Karrihaloo)
परिचय - पेशे से केमिकल इंजीनियर हैं। साथ ही MBA की पढाई भी की है। ये कश्मीर से आयी हैं। उनके माता-पिता दिल्ली में निवास करते है। इन्हें हिंदी और संस्कृत से बहुत लगाव है, इसी कारण ये ह्यूस्टन, टेक्सास (Houston, TX) बच्चों को हिन्दी पढ़ाती हैं। इनका Email Id: havvishakarrihaloo5@gmail.com.
|
|
|
|
|
|
|
|
कविता
|
|
|
|
लक्ष्मीनारायण गुप्त
हर विषय पर सदैव अपनी भावाभिव्यक्ति के लिए सक्रिय,
संपर्क : 22 Dover Rd. Pittsford, NY 14534 (585) 943-5590 (Mobile)
|
|
|
|
|
| |
|
२०२० के अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति के नये आजीवन सदस्य का स्वागत
|
| |
|
|
|
|
|
|
|
पिछली तिमाही में बने अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति के नये आजीवन सदस्यों का स्वागत है:
1.Mrs. Priya (Sadhana) Bhardwaj-Charlotte, NC
2.Mr. Girish Shukla-Solon, OH
3.Mrs. Sunita Dwivedi-Solon, OH
4.Mr. Ashwani Bhardwaj-Solon, OH
5.Mr. Parag Khandelwal-Boston, MA
6.Mr. Vibhav Agarwalla-Solon, OH
7.Mr. Abhey Jain-Sugar Land, TX
8.Mr. Vipin Kumar-Katy, TX
9.Mr. Sant Gupta-Lorton, VA
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
सम्पादकीय
|
|
|
|
- सुशीला मोहनका
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति परिवार के सभी मानद सदस्यों का अभिवादन है समिति के संवाद-पत्र का परिवार के सदस्यों ने उत्साह से स्वागत किया है। सदस्यों ने अपनी प्रतिक्रिया, विचार और टिप्पणियां ‘IHA Samvaad, Jun.’ पत्रिका के लिए भेजी, उन्हें हृदय से धन्यवाद देती हूँ।
‘संवादपत्र का जुलाई २०२१' का अंक आपको पसन्द आयेगा। आपकी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
आशा करती हूँ आप इस Covid-19 की सुनामी में अपना एवं अपने परिवार का पूरा ध्यान रख रहे होंगे। इस महामारी में यह बहु
|
|
|
|
|