JANUARY INTERNATIONAL HINDI ASSOCIATION'S NEWSLETTER
जनवरी २०२६, अंक ५४ प्रबंध सम्पादक: श्री आलोक मिश्र। सम्पादक: डॉ. शैल जैन
Human Excellence Depends on Culture. The Soul of Culture is Language
भाषा द्वारा संस्कृति का प्रतिपादन
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नववर्ष २०२६ के पावन अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति की ओर से आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। यह नया वर्ष आपके जीवन में स्वास्थ्य, शांति, सृजनशीलता और नई संभावनाएँ लेकर आए, यही हमारी मंगलकामना है।
जनवरी का यह माह आत्ममंथन और संकल्प का प्रतीक है। हिंदी के वैश्विक प्रचार-प्रसार की हमारी साझा यात्रा में आपका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। आज हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि विश्वभर में संवाद, संस्कृति और साहित्य को जोड़ने वाली सेतु-भाषा बन चुकी है।
हिंदी : वैश्विक संवाद की सेतु-भाषा
आज हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि विश्वभर में फैले करोड़ों लोगों की सांस्कृतिक पहचान, भावनात्मक अभिव्यक्ति और बौद्धिक संवाद का माध्यम बन चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति का निरंतर प्रयास रहा है कि हिंदी—
• विश्व मंचों पर सम्मानपूर्वक स्थापित हो
• नई पीढ़ी से जुड़े
• तकनीक, शिक्षा, साहित्य और संस्कृति से समन्वित हो
जनवरी की प्रमुख गतिविधियाँ एवं उपलब्धियाँ
• विभिन्न देशों में हिंदी दिवस, काव्य गोष्ठियों और सांस्कृतिक संवादों का सफल आयोजन
• हिंदी शिक्षण एवं ई-लर्निंग पहलुओं को लेकर सदस्यों की सक्रिय भागीदारी
• साहित्य, युवा सशक्तिकरण और हिंदी शिक्षा समितियों द्वारा नई कार्य-योजनाओं की रूपरेखा
आप सभी के सहयोग से समिति की गतिविधियाँ निरंतर विस्तार पा रही हैं।
सदस्यों से विशेष अनुरोध
हम आप सभी सदस्यों से आग्रह करते हैं कि—
• अपने लेख, कविताएँ, संस्मरण एवं अनुभव समिति के साथ साझा करें
• स्थानीय स्तर पर हिंदी कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाएँ
• युवाओं और बच्चों को हिंदी से जोड़ने के लिए अभिनव प्रयास करें
आपकी भागीदारी ही समिति की सबसे बड़ी शक्ति है।
२०२६ के लिए हमारा संकल्प
इस नववर्ष में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति का लक्ष्य है—
• हिंदी शिक्षा को डिजिटल और सुलभ बनाना
• वैश्विक हिंदी समुदाय को और अधिक सशक्त रूप से जोड़ना
• साहित्य, संस्कृति और संवाद के नए आयाम स्थापित करना
यह यात्रा आप सभी के सहयोग से ही संभव है।
समिति की विभिन्न समितियों एवं सदस्यों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों, साहित्यिक पहलुओं और हिंदी शिक्षण प्रयासों से हिंदी की वैश्विक पहचान निरंतर सुदृढ़ हो रही है। इसके लिए हम आप सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।
आइए, मिलकर 2026 को हिंदी के लिए एक और स्वर्णिम अध्याय बनाएँ।
सादर,
संजीव जायसवाल
राष्ट्रीय अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति २०२६–२०२७
ईमेल: president@hindi.org;
www.hindi.org
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति- राष्ट्रीय आगामी सत्र कार्यकारिणी मंडल की घोषणा
जनवरी 1, 2026 – दिसम्बर 31, 2027
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२०२६-२०२७ सत्र हेतु अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति के नव निर्वाचित कार्याधिकारी (Officers):
१. श्री संजीव जायसवाल (टैक्सस) अध्यक्ष
२. श्री उमेश कुमार (टेन्नसी) सचिव
३. श्री चन्द्रकांत पटेल (टैक्सस) कोषाध्यक्ष
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति - शाखाओं की नई नियुक्तियाँ
2026 –2027
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति की - नई शाखा की स्थापना
दिसम्बर 2025, शार्लेट शाखा का स्वागत
द्वारा: डॉ. शैल जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष 2024 – 2025, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति (IHA) की ओर से, शार्लोट शाखा के रूप में स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है।
शार्लोट क्षेत्र के सभी आजीवन सदस्यों (Life Members) को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद देती हूँ, जिनकी प्रतिबद्धता और सक्रिय सहभागिता से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी। मैं विशेष रूप से शाखा संयोजिका (Chapter Organizer) श्रीमती प्रिया भारद्वाज को उनके अथक प्रयासों, नेतृत्व क्षमता और कठोर परिश्रम के लिए हार्दिक धन्यवाद एवं सराहना व्यक्त करती हूँ।
हमें आशा है कि शार्लोट शाखा IHA के कार्यक्रमों और पहलों में सक्रिय सहभागिता करेगा तथा क्षेत्रीय और राष्ट्रीय—दोनों स्तरों पर सार्थक योगदान देगा।
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति (IHA) परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है। आपके उज्ज्वल भविष्य और आगामी यात्रा के लिए हम आपको हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति --उत्तरपूर्व ओहायो शाखा
युवा समिति संगठन, अक्टूबर-नवम्बर 2025
द्वारा : अश्विनी भारद्वाज, अध्यक्ष 2024 -2025, उत्तरपूर्व ओहायो शाखा
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युवा समिति नॉर्थ ईस्ट ओहायो, हाई स्कूल छात्रों से बनी एक समुदाय-आधारित पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं की सक्रिय भागीदारी, नेतृत्व विकास तथा नई पीढ़ी में हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करना है।
युवा समिति का नेतृत्व (2025–2026)
फलक दहिया – अध्यक्ष
अद्विता गांधी – सह-अध्यक्ष
युवा समिति के सदस्यों ने उत्तरपूर्व ओहायो शाखा द्वारा आयोजित विश्व हिंदी दिवस समारोह, जनवरी 18 , 2026 में सक्रिय भागीदारी दिखाई और अपना सहयोग दिया। युवा समिति से अध्यक्ष फलक दहिया, सह-अध्यक्ष अद्विता गांधी, सम्रता दलपत और आयुष्मान खत्री जुड़े । अन्य सदस्य जो नहीं जुड़ पाये वो हैं अहाना कटारिया, पलक्श जैन एवं क्रिस्टल मेकी ।
युवा समिति की अध्यक्ष फलक दहिया ने एक अपनी लिखी कविता की प्रस्तुति कर दर्शकों को मुग्ध कर लिया। सबों ने कार्यकारिणी समिति को पुरे समय अपना सहयोग भी दिया।
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Falak Dahiya
कक्षा 11, सोलन हाई स्कूल
सोलन, ओहायो
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अद्विता गांधी – सह-अध्यक्ष
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Adwita Gandhi
कक्षा 10, सोलन हाई स्कूल
सोलन, ओहायो
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Samrata Dalpat
कक्षा 9,
नॉर्थ रॉयलटन हाई स्कूल
ब्रॉडव्यू हाइट्स, ओहायो
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Ayushman Khatri
कक्षा 10,
मेडिना हाई स्कूल
मेडिना, ओहायो
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Crystal Makey
कक्षा 10
जैक्सन हाई स्कूल
मैसिलोन , ओहायो
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Palaksh Jain
कक्षा 9
नॉर्थ रॉयलटन , ओहायो
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Ahana Kataria
कक्षा 11
रीवेयर हाई स्कूल
रिचफील्ड, ओहायो
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति -- आगामी कार्यक्रम
हास्य कवि सम्मेलन 2026
द्वारा : आलोक मिश्रा, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, न्यासी समिति
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छह सप्ताह का हास्य कवि सम्मेलन शुक्रवार, 10 जुलाई से प्रारंभ होकर रविवार, 16 अगस्त तक चलेगा। यह कार्यक्रम कविता और हास्य का सुंदर संगम होगा, जो श्रोताओं को भरपूर हँसी और आनंद प्रदान करेगा।
यदि आप अपने शहर में हास्य कवि सम्मेलन आयोजित करने में रुचि रखते हैं, तो कृपया जल्द हमसे संपर्क करें । यात्रा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से हम आपकी प्राथमिकताओं का यथासंभव ध्यान रखेंगे। कृपया ध्यान दें कि कवियों की यात्रा को सहज और प्रभावी बनाने के लिए निकटवर्ती तीन शहरों को मिलाकर एक सप्ताहांत समूह बनाया जाएगा।
हमें आशा है कि आप 2026 के हास्य कवि सम्मेलन को भव्य सफलता बनाने में हमारे साथ जुड़ेंगे!
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विश्व हिंदी दिवस 2026 के अवसर पर
भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सन्देश
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति --इंडियाना शाखा
भव्य विश्व हिंदी दिवस, हिंदी का सम्मान 2026 समारोह का आयोजन
द्वारा : अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति- इंडियाना टीम
( राकेश कुमार, कुमार अभिनव, आदित्य कुमार )
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जनवरी, 2026 को, विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर, अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति-इंडियाना शाखा (International Hindi Association-Indiana chapter ) ने कार्मेल पब्लिक लाइब्रेरी, कार्मेल, इंडियाना में एक भव्य और सुसंगठित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति-इंडियाना अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता है संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के जनरल कांसुलेट, शिकागो का, जिनके वित्तीय सहयोग ने इस कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह कार्यक्रम हिन्दी भाषा, भारतीय संस्कृति, और हमारे समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार को समर्पित था। 240 से अधिक पंजीकृत प्रतिभागियों, दर्शकों के साथ, यह आयोजन इंडियाना राज्य में हिन्दी और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति गहरी रुचि और मजबूत प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. राकेश कुमार, संस्थापक, अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति-इंडियाना के स्वागत भाषण से हुई। अपने संबोधन में, उन्होंने संगठन के मिशन, गतिविधियों और दृष्टिकोण का वर्णन किया, और यह बताया कि युवा पीढ़ी को नेतृत्व के अवसर प्रदान करते हुए हिन्दी के प्रचार में संगठन लगातार प्रयासरत है। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति-इंडियाना की युवा समिति के सदस्य, अन्विता राजपूत, अन्वी जमनिस, एंजेल गुप्ता एवं अंशी तोखी ने मास्टर्स ऑफ़ सेरेमनी के रूप में कार्यक्रम का संचालन किया और इसे अनुशासन, दक्षता और शालीनता के साथ मार्गदर्शित किया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में बच्चों द्वारा कविता और लघु कथा पाठ, सांस्कृतिक नृत्य और नाटक प्रदर्शन, “Spice Up Your Language”, इंडियाना विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. रश्मि शर्मा द्वारा प्रस्तुत एक प्रस्तुति, और “हिन्दी के रंग पीढ़ियों के संग ", स्वर-इंडी ग्रुप द्वारा संगीत प्रस्तुति शामिल थीं।
विश्व हिन्दी दिवस समारोह की शुरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के राष्ट्रीय गान से हुई, जिसे वेदिका शर्मा और त्वरिता शर्मा ने खूबसूरती से प्रस्तुत किया। इसके बाद, अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति-इंडियाना के सचिव डॉ. कुमार अभिनव ने “वंदे मातरम्” की हारमोनियम-गिटार प्रस्तुति दी, जिसने सभागार को देशभक्ति और सांस्कृतिक गर्व की भावना से भर दिया। इसके पश्चात, अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति-इंडियाना की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती विद्या सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान समिति के प्रमुख कार्यक्रमों और संस्थागत पहलों का संक्षिप्त लेकिन व्यापक अवलोकन प्रस्तुत किया। इसके बाद, वर्तमान अध्यक्ष, श्री आदित्य कुमार, ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया, कार्यक्रम का एजेंडा साझा किया और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
विशेष अतिथि, डॉ. अनीता जोशी, कार्मेल सिटी काउंसिल की सदस्य, ने हिन्दी भाषा की वैश्विक प्रासंगिकता और भारतीय प्रवासी समुदाय द्वारा इसके संरक्षण और विकास में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार साझा किए। इस कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई जब सुश्री टिफ़नी डेटलेवसन, फिशर्स सिटी काउंसिल की सदस्य उपस्थित हुईं और अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति-इंडियाना द्वारा हिन्दी प्रचार और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा में उनके समर्पित प्रयासों की सराहना की।
दर्शकों की रूचि बनाए रखने और कार्यक्रम में विविधता लाने के लिए, प्रदर्शन को कविता/लघु कथा पाठ और नृत्य प्रस्तुतियों के बीच व्यवस्थित किया गया। विशेष रूप से छोटे बच्चों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया। पाँच साल के बच्चों द्वारा हिन्दी में कविता और लघु कथाओं का आत्मविश्वासपूर्वक पाठ देखना हृदयस्पर्शी था। वर्धन राजपूत ने हिन्दी कविता द्वारा दर्शकों को गहराई से भावविभोर कर दिया, जबकि नन्ने सितारे ग्रुप, बालगोकुलम ग्रुप, कार्मेल रज़ा (सीएचएस बॉलीवुड डांस ग्रुप), और झंकार बीट्स के ऊर्जा-पूर्ण नृत्य प्रदर्शन ने दर्शकों को उत्साह और आनंद से भर दिया।
इंडियाना विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. रश्मि शर्मा ने विश्वविद्यालय में उपलब्ध हिन्दी भाषा पाठ्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम न केवल अमेरिकी छात्रों को हिन्दी भाषा से परिचित कराते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से भी अवगत कराते हैं, जिससे हिन्दी के प्रति रुचि, जुड़ाव और सम्मान बढ़ता है।
इस अवसर पर श्री रजनीश चौहान को इंडियाना में हिन्दी शिक्षा में उनके दीर्घकालिक और समर्पित योगदान के लिए डॉ. राकेश कुमार द्वारा “हिन्दी शिक्षा सृजन सम्मान” से सम्मानित किया गया। उनकी अनुपस्थिति में, यह पुरस्कार उनकी पत्नी श्रीमती वैदेही चौहान ने ग्रहण किया।
कार्यक्रम में कविता पाठ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विधान को प्रथम पुरस्कार, ऐश्वी सैनी को द्वितीय पुरस्कार, और अधिरोहा को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुए। विशेष पुरस्कार वर्धन राजपूत को उनकी आयु वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए और अनन्या पाटिल को कविता पाठ में उत्कृष्टता के लिए प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का समापन विशेष संगीत प्रस्तुति “हिन्दी के रंग पीढ़ियों के संग” से हुआ, जिसे पीयूष व्यास के नेतृत्व में स्वर-इंडी ग्रुप ने प्रस्तुत किया। इसमें 1970 से 2010 तक के पाँच लोकप्रिय हिन्दी गीतों को भावपूर्ण और कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का समापन , श्री आदित्य कुमार, अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति-इंडियाना, के समापन भाषण और पुरस्कार तथा प्रमाणपत्र वितरण के साथ हुआ, जिसने इसे एक सफल और यादगार आयोजन के रूप में चिह्नित किया।
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विश्व हिंदी दिवस 2026 समारोह की झलकियाँ
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अपनी कवितायेँ
"स्वागत तुम्हारा - हे! नव वर्ष"
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द्वारा - डॉ. उमेश प्रताप वत्स
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डॉ. उमेश प्रताप वत्स यमुनानगर, हरियाणा के निवासी हैं। लेखक के साथ-साथ एक अच्छे खिलाड़ी भी हैं। 2004 में अखिल भारतीय कुश्ती प्रतियोगिता में 63 किलो भार वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णपदक प्राप्त कर चुके हैं। इनको बाँसुरी वादन का भी शौक है।
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स्वागत तुम्हारा हे! नव वर्ष
कंप-कंपाती ठंड में देखो
कैसा भ्रम बनाया है
पश्चिम दीवानों ने कैसा
यह न्यू ईयर मनाया है।
भूले ऐतिहासिक संवत को
ईस्वी में है नाच रहे ,
बेगानी संस्कृति पुस्तक के
पृष्ठों को ये बाँच रहे।
सभी प्राणी ठिठुर रहे हैं
पशु-पक्षी और वृक्ष-धरा
सूरज भी मध्यम पड़ कर
बादलों में छिपा रहा।
रंग विहीन है बाग-बगीचे
हरियाली भी उदास है
निश्चेत है कीट-पतंगे
नहीं जीने की आश है।
दुबक पड़ी प्रकृति सारी
कोहरे के संत्रास में
आयेगा उल्लासित फागुन
बैठी है विश्वास में।
ठूँठ बने जो वृक्ष सभी
बाट जोह रहे नवरस की
पत्र विहीन शाखाएं देखती
रात्रि आयेगी जब यश की।
दिग्भ्रमित होकर कब तक हम
न्यू ईयर मनाते जायेंगे
घर-घर में मिलकर सारे कब
अपना वर्ष मनायेंगे।
धरा बनेगी दुल्हन जब
फसलें खेतों में नाचेंगी
नये वर्ष पर सारी दुनिया
भारत की खुशियां बाँचेगी।
पूर्ण होगी परीक्षा बच्चों की
और खाते महाजन के
नव उल्लास नव उत्साह में जब
खिलेंगे चेहरे जन-जन के।
उचक-उचक कर पुष्प सभी जब
खुशबू से महकायेंगे
स्वागत तुम्हारा हे! नव वर्ष
यह झूम-झूमकर गायेंगे।
तब कृष लता भी लिपट-लिपट
कोने से शरमायेगी
धीमे-धीमे दबे पाँव जब
चैत्र-प्रतिपदा आयेगी।
प्रकृति का रंग निखरेगा तब
चीं-चीं चिड़िया चहकेंगी
कोयल की कूँ-कूँ से जब
उपवन की डाली महकेंगी।
महापुरुषों की जयंती मनाने
ले तिथि नववर्ष आयेगा
बच्चें-महिला-वृद्धों को जब
नव संवत्सर भायेगा।
ढ़ोते रहोगे कब तक तुम
अंग्रेजों की इस कल्चर को
आह्वान करो हर मानव को
खट-खटाओ हर दर को।
अपनी समृद्ध संस्कृति की
ध्वजा को हम फहरायेंगे
न्यू ईयर को छोड़कर
नव संवत्सर अपनायेंगे।
ऊँच-नीच का भेद मिटाकर
'वत्स' गीत प्रेम के गायेंगे
भारत के सच्चे वासी हम
अपना नव वर्ष मनायेंगे।
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस
के 150वीं जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।
अपनी कवितायेँ
"भारत के सपूत सुभाष चंद्र, नेताजी के गीत"
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी, दूरदर्शी नेता और अदम्य साहस के प्रतीक थे।“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” का उनका उद्घोष आज भी हर भारतीय को प्रेरित करता है। उनका जीवन देशभक्ति, त्याग और राष्ट्र के लिए सर्वोच्च समर्पण का अनुपम उदाहरण है।
उनके लिये समर्पित कविता डॉ. राकेश चक्र द्वारा ---
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ये मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश से हैं। योग एक्सपर्ट. सेवानिवृत्त अधिकारी इंटेलीजेंस विभाग, उत्तर प्रदेश से हैं।
बाल साहित्य में विशेष रूचि रखते हैं।
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भारत के सपूत नेताजी
भारत के सपूत नेताजी
मिलकर हम गुणगान करें।
देश की खातिर अमर हो गए
आओ सभी प्रणाम करें।।
कतरा - कतरा लहू तुम्हारा
काम देश के आया था।
इसीलिए तो आजादी का
झंडा भी फहराया था।
वतन कर रहा याद आपको
हम शुभ - शुभ सारे काम करें।
देश की खातिर अमर हो गए
आओ सभी प्रणाम करें।।
गोरों को भी खूब छकाया
जोश नया दिलवाया था।
ऊँचा रखकर शीश धरा का
शान - मान करवाया था।
कुर्बानी को याद रखें हम
राष्ट्र की ऊँची शान करें।
देश की खातिर अमर हो गए
आओ सभी प्रणाम करें।।
नेताजी उपनाम आपका
सब श्रद्धा से हैं लेते।
नेता आज नई पीढ़ी के
बीज घृणा के हैं देते।
भेदभाव का जहर मिटाएँ
सदा ऐक्य का मान करें।।
देश की खातिर अमर हो गए
आओ सभी प्रणाम करें।।
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नववर्ष का संकल्प – हिंदी और भारतीय संस्कृति के प्रति
द्वारा : डॉ. शैल जैन, ई-संवाद संपादक, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति
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प्रिय ई-संवाद के सम्मानित पाठकों,
नववर्ष हम सभी के जीवन में नई आशाओं, नए संकल्पों और नई ऊर्जा के साथ आता है। इस शुभ अवसर पर हम अपने परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण संकल्प लेना चाहते हैं—
हिंदी भाषा तथा भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना, उसे पुनर्जीवित करना और उसे अगली पीढ़ियों तक सशक्त रूप से पहुँचाना।
आज जब हम भारत से बाहर, विशेष रूप से अमेरिका जैसे बहुसांस्कृतिक देश में रह रहे हैं, तब अपनी भाषा और संस्कृति को जीवित रखना और भी अधिक आवश्यक हो जाता है। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती—वह हमारी सोच, हमारे संस्कार, हमारे मूल्यों और हमारी पहचान की आत्मा होती है। हिंदी के माध्यम से ही हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हैं और अपने बच्चों को यह समझा पाते हैं कि वे केवल वैश्विक नागरिक ही नहीं, बल्कि एक समृद्ध विरासत के उत्तराधिकारी भी हैं।
भारतीय संस्कृति हमें सम्मान, सह-अस्तित्व, परिवार के महत्व, सहनशीलता और मानवता के मूल्य सिखाती है। यदि हम आज इन मूल्यों को अपने घरों, समुदायों और सामाजिक गतिविधियों में जीवित रखेंगे, तभी भविष्य की पीढ़ियाँ अपनी पहचान को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा सकेंगी।
आइए, इस नववर्ष पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि:
-हम अपने घरों में हिंदी बोलने और समझने को प्रोत्साहित करेंगे
-बच्चों और युवाओं को हिंदी और भारतीय सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ेंगे
-अपने समुदाय और समाज में हिंदी एवं संस्कृति के कार्यक्रमों का समर्थन करेंगे, और
-गर्व के साथ अपनी पहचान को “जीवित परंपरा” के रूप में आगे बढ़ाएंगे
हमारी पहचान ही हमारी शक्ति है।
इसे संजोना, संभालना और आगे बढ़ाना—यही हमारा आज और हमारा कल है।आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ। हिंदी और भारतीय संस्कृति के इस साझा संकल्प में आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।
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पाठकों की अपनी हिंदी में लिखी कहानियाँ, लेख, कवितायें इत्यादि का
ई - संवाद पत्रिका में प्रकाशन के लिये स्वागत है।
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"प्रविष्टियाँ भेजने वाले रचनाकारों के लिए दिशा-निर्देश"
1. रचनाओं में एक पक्षीय, कट्टरतावादी, अवैज्ञानिक, सांप्रदायिक, रंग- नस्लभेदी, अतार्किक
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मानवीय दृष्टि अपनाएँ।
2. रचना एरियल यूनीकोड MS या मंगल फॉण्ट में भेजें।
3. अपने बायोडाटा को word और pdf document में भेजें। अपने बायो डेटा में डाक का पता, ईमेल, फोन नंबर ज़रूर भेजें। हाँ, ये सूचनायें हमारी जानकारी के लिए ये आवश्यक हैं। ये समाचार पत्रिका में नहीं छापी जायेगी।
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति
हिंदी लेखन के लिए स्वयंसेवकों की आवश्यकता
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अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति के विभिन्न प्रकाशनों के लिए हम हिंदी (और अंग्रेजी दोनों) में लेखन सेवाओं के लिए समर्पित स्वयंसेवकों की तलाश कर रहे हैं जो आकर्षक और सूचनात्मक लेख, कार्यक्रम सारांश और प्रचार सामग्री आदि तैयार करने में हमारी मदद कर सकें।
यह आपके लेखन कौशल को प्रदर्शित करने, हमारी समृद्ध संस्कृति को दर्शाने और हिंदी साहित्य के प्रति जुनून रखने वाले समान विचारधारा वाले व्यक्तियों से जुड़ने का एक अच्छा अवसर है। यदि आपको लेखन का शौक है और आप इस उद्देश्य के लिए अपना समय और प्रतिभा योगदान करने में रुचि रखते हैं, तो कृपया हमसे alok.iha@gmail.com पर ईमेल द्वारा संपर्क करें। साथ मिलकर, हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने और संरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
प्रबंध सम्पादक: श्री आलोक मिश्र
alok.iha@gmail.com
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“संवाद” की कार्यकारिणी समिति
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प्रबंद्ध संपादक – श्री आलोक मिश्र, NH, alok.iha@gmail.com
संपादक -- डॉ. शैल जैन, OH, shailj53@hotmail.com
सहसंपादक – अलका खंडेलवाल, OH, alkakhandelwal62@gmail.com
डिज़ाइनर – डॉ. शैल जैन, OH, shailj53@hotmail.com
तकनीकी सलाहकार – मनीष जैन, OH, maniff@gmail.com
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रचनाओं में व्यक्त विचार लेखकों के अपने हैं। उनका अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति की रीति - नीति से कोई संबंध नहीं है।
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